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Sunday, June 24, 2018

ओपेक देश 10 लाख बैरल क्रूड उत्पादन बढ़ाने पर सहमतः कम होंगी पेट्रोल-डीजल की कीमतें

ओपेक देश 10 लाख बैरल क्रूड उत्पादन बढ़ाने पर सहमतः कम होंगी पेट्रोल-डीजल की कीमतें

प्रमुख तेल निर्यातक देशों के समूह ऑर्गेनाइजेशन ऑफ पेट्रोलियम एक्सपोर्टिंग कंट्रीज (ओपेक) के सदस्य देश कच्चा तेल उत्पादन में सम्मिलित तौर पर प्रति दिन 10 लाख बैरल बढ़ोतरी करने पर सहमत हो गये हैं.


OPEC Countries agreed to increase daily 10 lakh barrel supply of crude oil
वियना/नई दिल्लीः हो सकता है कि आने वाले कुछ दिनों के लिए आपको सस्ता पेट्रोल और डीजल मिल जाए क्योंकि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल यानी क्रूड की सप्लाई बढ़ने वाली है. और जैसा कि अर्थशास्त्र का सिद्धांत है कि सप्लाई बढ़ने पर वस्तुओं की कीमतों में कमी आती है तो ऐसा पेट्रोल-डीजल के साथ भी हो सकता है. दरअसल आज एक अहम घटनाक्रम में प्रमुख तेल निर्यातक देशों के समूह ऑर्गेनाइजेशन ऑफ पेट्रोलियम एक्सपोर्टिंग कंट्रीज (ओपेक) के सदस्य देश कच्चा तेल उत्पादन में सम्मिलित तौर पर प्रति दिन 10 लाख बैरल बढ़ोतरी करने पर सहमत हो गये हैं.

ओपेक ग्रुप के सूत्रधार सउदी अरब के तेल मंत्री खालिद अल-फालेह ने आज इसकी जानकारी दी. अल-फालेह ने ओपेक की बैठक के बाद कहा , ‘मुझे खुशी है कि आखिरकार हम 10 लाख बैरल के आंकड़े पर सहमत हुए जिसके बारे में हम बातें कर रहे थे.’ उन्होंने कहा कि उत्पादन बढ़ाने के सउदी अरब के प्रस्ताव को पूर्ण सहमति मिली. हालांकि ईरान ने इस प्रस्ताव का विरोध किया था. 2018 के दूसरे भाग में दुनिया में तेल की कमी हो सकी है जिसके चलते इसका कुछ समाधान निकालने के लिए आज ओपेक देशों ने तेल की सप्लाई बढ़ाने को मंजूरी दे दी है.

ओपेक देशों के कच्चे तेल की सप्लाई बढ़ाने से कच्चे तेल की कीमतों में कमी आएगी जिसका फायदा समेत उन देशों को मिलेगा जो कच्चे तेल का आयात करते हैं. भारत के इंपोर्ट का एक बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात के तौर पर होता है और इसके दाम कम होने पर इंपोर्ट घाटे में भी कमी आएगी.

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