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Monday, May 28, 2018

दुनिया की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स डील से आपको फायदा होगा या नुकसान, यहां जानिए

दुनिया की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स डील से आपको फायदा होगा या नुकसान, यहां जानिए

प्राइस वॉर के चलते जहां ग्राहकों को अच्छे ऑफर्स मिलने की उम्मीद हैं वहीं फ्लिपकार्ट पर मौजूद ऑनलाइन सेलर्स को चिंता हो रही है कि वॉलमार्ट उन्हें खत्म कर देगी.


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नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी ई कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट को दुनिया की टॉप रीटेल चेन अमेरिका की वॉलमार्ट ने खरीद लिया है. ई कॉमर्स की दुनिया में ये सबसे बड़ा सौदा है. वॉलमार्ट ने 16 अरब डॉलर (1.07 लाख करोड़ रुपये) में फ्लिपकार्ट की 77 फीसदी हिस्सेदारी खरीद ली. जानकारी के मुताबिक एमेजॉन भी फ्लिपकार्ट को खरीदने की इच्छुक थी लेकिन बाजी वॉलमार्ट के हाथ लगी. IIT दिल्ली से पास आउट दो दोस्तों बिन्नी बंसल और सचिन बंसल ने फ्लिपकार्ट की शुरूआत की थी.

लंबे से समय से भारत में पैर जमाने की इच्छुक वॉलमार्ट के लिए यह डील बेहद अहम मानी जा रही है. इस डील का भारत के ई कॉमर्स बाजार पर भी बड़ा असर पड़ेगा. प्राइस वॉर के चलते जहां ग्राहकों को अच्छे ऑफर्स मिलने की उम्मीद हैं वहीं फ्लिपकार्ट पर मौजूद ऑनलाइन सेलर्स को चिंता हो रही है कि वॉलमार्ट उन्हें खत्म कर देगी.

ऑनलाइन सेलर्स की चिंता
दुनिया की इस सबसे बड़ी ई कॉमर्स डील से सबसे ज्यादा चिंतित फ्लिपकार्ट पर मौजूद ऑनलाइन सेलर्स हैं. इन सेलर्स को डर कि वॉलमार्ट उन्हें खत्म कर देगी. वॉलमार्ट अपने प्लेयर्स को फ्लिपकार्ट के जरिए मार्केट में उतार लो प्राइस वार शुरू कर सकती है. वॉलमार्ट का इतिहास भी कुछ यही रहा है. कम कीमत पर सामान बेचकर वॉलमार्ट छोटे कारोबारियों को खत्म कर देती है. इसके लिए वो दूसरे देशों से सस्ता सामान लाकर भारत में उतार सकती है. ऑल इंडिया ऑनलाइन वेंडर्स असोसिएशन का कहना है कि अगर इससे ज्यादा नुकसान हुआ तो कानूनी रास्ता भी अपना सकते हैं.


एमेजॉन को पछाड़ने के लिए 'कुछ भी करेगा'
वॉलमार्ट का सबसे बड़ा प्रतिद्वंदी एमेजॉन को माना जाता है. भारत में एमेजॉन ई-कॉमर्स में पहले से ही बहुत बड़ा नाम है. ऐसे में एमेजॉन को पछाड़ने के लिए वॉलमार्ट एड़ी चोटी का जोर लगा देगा. फ्लिपकार्ट से पहले वॉलमार्ट जेट डॉट कॉम, शूबाई और बोनोबॉस का अधिकग्रहण कर चुका है.

चीन में एमेजॉन से टक्कर लेने की कोशिश रही वॉलमार्ट को भारत में एक मजबूत साथी मिला है. इस निवेश से सबसे ज्यादा नुकसान छोटे व्यापारियों को होगा और ग्राहकों को फायदा होगा. वॉलमार्ट ने चार पहले भी भारत में निवेश की कोशिस कर चुका है लेकिन एफडीआई के कड़े कानून की वजह से वह सिर्फ 'कैश ऐंड कैरी' के थोक बिजनेस तक ही सीमत था.


रोजगार बढ़ेंगे, इकोनॉमी को बूस्ट मिलेगा
वॉलमार्ट के निवेश के बाद अब फ्लिपकार्ट एमेजॉन से ज्यादा मजबूती से टक्कर ले पाएगा. अपने सप्लाई चेन सिस्टम और इंफ्रास्ट्रक्चर को सुधारने के लिए फ्लिपकार्ट अब पहले से ज्यादा निवेश करेगा. इससे देश में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे. इस डील से कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को भी तेजी मिलने की उम्मीद जिसका सीधा फायदा किसानों को होगा.


कम कीमत, ज्यादा ऑप्शन
वॉलमार्ट के आने से भारत की ई कॉमर्स इंडस्ट्री में बहुत बड़े उछाल की उम्मीद की जा रही है. जहां एक ओर वॉलमार्ट अपना साम्राज्य फैलाने की कोशिश करेगी तो दूसरी ओर अन्य ईकॉमर्स कंपनियां भी अपना निवेश बढ़ाएंगी. ऐसे में कीमत में कमी और वैरायटी में उछाल आएगा. ग्राहकों के लिए ज्यादा ऑप्शन खुलेंगे.

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